Rashtriya Pioneer Pride: एप बना मुसीबत एप बना मुसीबत ================================================================================ Dilip Thakur on 23/12/2017 10:46:00 नगर निगम ने लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए 311 एप की शुरूआत की है। अब इस ऐप पर हर दिन इतनी ज्यादा शिकायतें दर्ज हो रही हैं कि उनका उसी दिन निराकरण करने में नगर निगम की टीमों का दम फूल रहा है। इंदौर। स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान जनवरी में शुरू होने वाला है। इसके पहले नगर निगम तैयारियों में जुटा हुआ है। लगातार दूसरे वर्ष भी इंदौर को स्वच्छता में देश में नंबर वन का दर्जा दिलाने के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है। इन्हीं तैयारियों की प्रक्रिया के तहत निगम ने लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए 311 एप की शुरूआत की है। अब इस ऐप पर हर दिन इतनी ज्यादा शिकायतें दर्ज हो रही हैं कि उनका उसी दिन निराकरण करने में नगर निगम की टीमों का दम फूल रहा है। दरअसल यह एप स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान अंक हासिल करने के लिए जारी किया गया है। इस एप को शहर के जितने अधिक नागरिक डाउनलोड करेंगे उतना ही सर्वेक्षण में अंक पाने में निगम को फायदा होगा। एप डाउनलोड करने वालों की संख्या के आधार पर अधिकतम 400 अंक निर्धारित किए गए हैं। एप के प्रचार-प्रसार के लिए निगम प्रशासन द्वारा शहर में जगह-जगह होर्डिंग्स लगवाए गए। साथ ही दीवारों पर भी लिखवाया गया। विज्ञापनों के जरिए भी लोगों से आग्रह किया गया कि वे अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए एप डाउनलोड करें। एप के माध्यम से शुरू की गई महापौर हेल्पलाइन से लोगों की शिकायतों का निराकरण तेजी से किया जाने लगा। शुरूआत में कम संख्या में लोगों ने एप डाउनलोड किया था इसलिए शिकायतों की संख्या भी कम थी लेकिन प्रचार-प्रसार के बाद अब तक 64 हजार से अधिक लोग इसे डाउनलोड कर चुके हैं। महापौर हेल्पलाइन पर शिकायतें पहुंचने के बाद चौबीस घंटे में इनके निराकरण का दावा किया गया था लेकिन जैसे-जैसे एप यूजर्स की संख्या बढ़ती गई वैसे-वैसे शिकायतों की संख्या भी बढ़ती गई। अब तो संख्या इतनी ज्यादा होती जा रही है कि चौबीस घंटे में निराकरण संभव नहीं हो पा रहा है। महापौर मालिनी गौड़ खुद भी एप की मॉनिटरिंग कर रही हैं लेकिन समस्याओं के निराकरण में अब समय बढ़ता जा रहा है। नगर निगम की टीमों को निराकरण का जिम्मा सौंपा जा रहा है लेकिन इन टीमों का दम भी फूल जाता है क्योंकि समय-सीमा में इतनी अधिक शिकायतों का निराकरण संभव नहीं है। इस समस्या से निपटने के लिए निगम प्रशासन नई रणनीति तय करने में जुटा हुआ है।