अपराधों से जुड़े नेता भी लड़ सकेंगे चुनाव

नई दिल्ली। दागी नेताओं और गंभीर आपराधिक मामलों के आरोपियों के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आज मंगलवार को फैसला सुना दिया। कोर्ट ने फैसले में कहा है कि केवल चार्जशीट के आधार पर दागी नेताओं के चुनाव लड़ने पर रोक नहीं लगाई जा सकती। ऐसे लोगों को संसद में प्रवेश से रोकने के लिए संसद को कानून बनाना चाहिए।
कोर्ट ने फैसले में कहा है कि उम्मीदवारों को नामांकन पत्र के साथ पेश किए जाने वाले शपथपत्र में बोल्ड अक्षरों में अपने सभी आपराधिक मामलों की जानकारी देनी होगी। सभी राजनीतिक दलों को अपनी वेबसाइट पर उम्मीदवारों के आपराधिक मामलों की जानकारी देनी होगी ताकि मतदाताओं को उम्मीदवारों के बारे में संपूर्ण जानकारी मिल सके। उम्मीदवार और राजनीतिक दल चुनाव प्रचार के लिए दिए जाने वाले विज्ञापनों में भी उम्मीदवार के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी दें। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक को जारी किए जाने वाले विज्ञापनों में इसकी जानकारी देने को कहा गया है।
सुनवाई के दौरान अटर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार की ओर से कहा था कि कानून बनाना संसद के अधिकार-क्षेत्र में है और सुप्रीम कोर्ट को उसमें दखल नहीं देना चाहिए।

कोर्ट ने एक गाइड लाइन भी जारी की है। कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल होने के बाद कम से कम तीन बार प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए उनके आपराधिक रिकॉर्ड का प्रचार करें। उम्मीदवारों के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी पार्टी वेबसाइट पर डालें